New GST Rates Cars

New GST Rates Cars 2025: क्यों इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैक्स सबसे कम और लग्ज़री कारों पर सबसे ज्यादा है

New GST Rates Cars: भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर और कार खरीदने वाले लोगों के लिए यह एक बहुत अहम विषय है। जीएसटी (Goods and Services Tax) लागू होने के बाद कारों पर लगने वाला टैक्स सिस्टम बदल गया है। पहले कार पर वैट, एक्साइज ड्यूटी, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज जैसे कई टैक्स अलग-अलग लिए जाते थे। इन सबकी वजह से कार की कीमतें बढ़ जाती थीं और ग्राहकों को समझना भी मुश्किल होता था कि वे कुल कितना टैक्स दे रहे हैं। जीएसटी आने के बाद टैक्स सिस्टम आसान हो गया है, लेकिन अब भी कारों पर लगने वाला टैक्स इंजन की क्षमता, कार के आकार और कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग रहता है।

इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि वर्तमान समय में कारों पर कौन-सी जीएसटी दरें लागू हैं, अलग-अलग कार सेगमेंट पर कितना टैक्स लगता है, सरकार का मकसद क्या है और इन दरों का असर आम खरीदारों पर कैसे पड़ रहा है।

New GST Rates Cars मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर

भारत में जीएसटी लागू होने के बाद कारों पर एक बेस टैक्स और अतिरिक्त सेस (Cess) लगाया जाता है। सामान्यत: कारों पर 28% जीएसटी लगाया जाता है, लेकिन इसके अलावा इंजन साइज और कार कैटेगरी के हिसाब से 1% से 22% तक सेस भी जुड़ता है। यही कारण है कि स्मॉल कारों पर टैक्स अपेक्षाकृत कम है, जबकि लग्ज़री कारों और SUV पर टैक्स दरें काफी ज्यादा हो जाती हैं।

1. छोटी कारें (Small Cars)

छोटी कारें भारतीय बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा बनाती हैं। आमतौर पर ये कारें पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों की पसंद होती हैं।

  • पेट्रोल इंजन (1200 सीसी तक): इन कारों पर 28% GST + 1% सेस लगाया जाता है।
  • डीज़ल इंजन (1500 सीसी तक): इन पर 28% GST + 3% सेस लागू होता है।
  • कुल मिलाकर टैक्स 29% से 31% तक बनता है।

इस श्रेणी में आने वाली कारें कीमत के लिहाज से किफायती रहती हैं। उदाहरण के लिए, मारुति सुजुकी, हुंडई और टाटा की कई एंट्री-लेवल मॉडल इस टैक्स स्ट्रक्चर में आते हैं।

यह भी पढे: Safari and Harrier Adventure X variant price: टाटा मोटर्स ने लॉन्च किया नया Safari और Harrier Adventure X वेरिएंट जानिए पूरे फीचर्स और कीमत

2. मिड-साइज़ कारें (Mid-size Cars)

मिड-साइज़ कारें उन ग्राहकों की पसंद होती हैं जो थोड़ा ज्यादा स्पेस और पावर चाहते हैं।

  • इन कारों पर 28% GST + 15% सेस लगाया जाता है।
  • कुल टैक्स दर लगभग 43% तक पहुंच जाती है।

इस वजह से इस सेगमेंट की कारें स्मॉल कारों की तुलना में महंगी पड़ती हैं। उदाहरण के लिए, होंडा सिटी या हुंडई वरना जैसी कारें इस कैटेगरी में आती हैं।

3. लग्ज़री कारें और SUV

SUV और लग्ज़री कारों की मांग भारत में तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इन पर टैक्स का बोझ सबसे ज्यादा है।

  • इन पर 28% GST + 22% तक सेस लगाया जाता है।
  • यानी कुल टैक्स लगभग 50% तक हो जाता है।

इससे स्पष्ट है कि लग्ज़री कार खरीदते समय ग्राहक को लगभग आधी कीमत टैक्स के रूप में चुकानी पड़ती है। बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज़, ऑडी और महिंद्रा की बड़ी SUVs इस श्रेणी में आती हैं।

4. इलेक्ट्रिक कारें (Electric Vehicles EVs)

भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इन पर टैक्स दर काफी कम रखती है।

  • EV पर सिर्फ 5% GST लागू होता है।
  • इसके अलावा सरकार EV पर सब्सिडी भी देती है।

इससे इलेक्ट्रिक कारें किफायती बनती हैं और ग्राहकों को पेट्रोल-डीज़ल कारों का विकल्प मिलता है। टाटा नेक्सॉन EV और एमजी ZS EV इसके अच्छे उदाहरण हैं।

New GST Rates Cars: सरकार का उद्देश्य

नई जीएसटी दरें लागू करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य है:

  1. टैक्स सिस्टम को सरल बनाना – पहले कई प्रकार के टैक्स लगते थे, अब सिर्फ एकसमान जीएसटी और सेस से प्रक्रिया आसान हुई है।
  2. पर्यावरण को बढ़ावा देना – इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स कम रखकर सरकार प्रदूषण कम करने की दिशा में काम कर रही है।
  3. राजस्व बढ़ाना – लग्ज़री कारों और SUVs पर अधिक टैक्स लगाकर सरकार को अच्छा राजस्व मिलता है।
  4. खरीदारों के लिए पारदर्शिता – अब कार खरीदते समय टैक्स स्ट्रक्चर साफ समझ में आता है।

New GST Rates Cars: खरीदारों पर असर

नई जीएसटी दरों का असर अलग-अलग ग्राहकों पर अलग तरह से पड़ता है।

  • साधारण ग्राहकों पर असर: स्मॉल कारों की टैक्स दरें ज्यादा नहीं हैं, इसलिए पहली बार कार खरीदने वालों पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता।
  • मिड-रेंज ग्राहकों पर असर: मिड-साइज़ कारों की कीमत जीएसटी की वजह से काफी बढ़ जाती है।
  • लक्ज़री कार ग्राहकों पर असर: यहां टैक्स दर सबसे ज्यादा है। अक्सर लोग कहते हैं कि भारत में लग्ज़री कार खरीदना विदेश की तुलना में महंगा पड़ता है, जिसकी वजह यही टैक्स दरें हैं।
  • इलेक्ट्रिक कार ग्राहकों पर फायदा: EVs पर टैक्स कम होने की वजह से कई ग्राहक अब इलेक्ट्रिक कारों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

New GST Rates Cars:ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर असर

  • स्मॉल कार सेगमेंट: इस पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है, क्योंकि दरें सीमित हैं और डिमांड बनी हुई है।
  • SUV और लग्ज़री कार सेगमेंट: यहां ग्राहकों को कीमतें ज्यादा लगती हैं, लेकिन डिमांड लगातार बढ़ रही है।
  • EV सेगमेंट: कम जीएसटी और सरकारी स्कीमों ने EV सेक्टर को मजबूत किया है। आने वाले सालों में यह इंडस्ट्री तेजी से बढ़ेगी।

भविष्य में New GST Rates Cars में बदलाव की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में सरकार कारों पर टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव कर सकती है। खासकर इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स और कम करने की संभावना है, ताकि ग्राहक इन्हें और आसानी से अपना सकें। इसके अलावा, लग्ज़री कारों और SUVs पर टैक्स घटाने की भी चर्चाएं समय-समय पर होती रहती हैं।

यह भी पढे: महिंद्रा Born Electric Vision भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का नया भविष्य

निष्कर्ष

New GST Rates Cars भारत में कार बाजार को समझने के लिए बेहद जरूरी टॉपिक है। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स स्ट्रक्चर भले ही पारदर्शी हो गया है, लेकिन कार की कीमतें अब भी कैटेगरी और इंजन के हिसाब से काफी अलग-अलग हैं। स्मॉल कारें आम लोगों के लिए किफायती हैं, मिड-साइज़ और लग्ज़री कारें टैक्स के कारण महंगी हो जाती हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कारें कम टैक्स दर की वजह से लोकप्रिय हो रही हैं। आने वाले समय में सरकार पर्यावरण और ग्राहकों दोनों के हित में टैक्स दरों में बदलाव कर सकती है।

New GST Rates Cars से जुड़े आम सवाल

Q1. भारत में कारों पर बेसिक जीएसटी कितना है?

कारों पर सामान्य तौर पर 28% जीएसटी लगता है। इसके अलावा सेस अलग से लागू होता है।

Q2. इलेक्ट्रिक कारों पर GST कितना है?

इलेक्ट्रिक कारों पर सिर्फ 5% जीएसटी लगाया जाता है।

Q3. SUV पर कुल टैक्स दर कितनी होती है?

SUV पर 28% GST + 22% सेस लगता है, यानी कुल मिलाकर लगभग 50%।

Q4. क्या जीएसटी आने के बाद कारें सस्ती हुई हैं?

शुरुआत में कुछ कारें सस्ती हुई थीं, लेकिन सेस जुड़ने के बाद लग्ज़री और मिड-साइज़ कारें महंगी हो गईं।

Q5. क्या भविष्य में कारों पर जीएसटी दरें घट सकती हैं?

संभावना है कि सरकार इलेक्ट्रिक कारों को और सस्ता करने के लिए टैक्स घटा दे, लेकिन लग्ज़री कारों पर तुरंत बदलाव की संभावना कम है।

Scroll to Top